Thursday, November 14, 2013

अति हमेशा नुकसानदायी रहे है ,समय है संभल जाओ।

अति हमेशा नुकसानदायी रहे है ,समय है संभल जाओ।


''enjoy the  rape ''वाले सीबीआई डायरेक्टर के बयान को बिना पढ़े गलत बताने में भारतीये जनता पार्टी कि महिला नेता सुषमा स्वराज को एक मिनिट का वक़्त नहीं लगा। लेकिन  उनसे मध्य प्रदेश में महिला अत्याचारो ,और बलात्कारो के बारे में सवाल किया ,तो वो इस तरह मुकर गयी ,कि उनके लिए ये आकड़े कोई मायेने नहीं रखते। और तो और प्रदेश में बलात्कार के मामले में तुरंत फ़ासी कि है  उन्होंने इस तरह किया  उनकी सरकार कि बहुत बड़ी उपलब्धि है ,उनके अनुसार सारे आकड़े गलत है ,मनगढ़त है। ,सुषमा जी से मेरा सवाल ,क्या आपको ये नहीं लगता कि विपक्षी दल कि एक मात्र सशक्त  महिला नेता होने के बाद आपका इस तरह का रवैया ,वो भी ऐसे वक़्त पे जब आप जनता के पास अपनी सरकार को दोबारा जीतने के लिए  वोट मांगने जा रही है ,आपको शोभा देता है???। चलिए माना  कि राजनीती में ऐसे बयान दिए जाते है ,लेकिन एक महिला होने के बाद आपका महिलाओ के प्रति ये रवैया कहा तक सही है ,आज आपसे हुयी मुलाकात में एक बात और समझ आयी कि महिला नेता होने का फ़ायदा आपके द्वारा आपकी पार्टी कि महिलाओ को नहीं मिला है ,जब आप किसी मंच से इस तरह का सफ़ेद झूठ इतनी आसानी से कह जाती है ,तो हम सब आधी आबादी के लोग आप जैसे लोगो पे क्यों भरोसा करे ???
मुझे आपकी पार्टी कि एक बुजुर्ग महिला ने आके कहा कि आपने हम लोगो  के लिए सवाल किया ,अच्छा किया। 
सुषमा जी बात यहाँ सिर्फ महिलाओ पे हो रहे अत्याचारो कि नहीं है ,बात है आपकी पार्टी के दावो कि जो खोखले साबित हुए है , 
एक तरफ आपकी पार्टी महिलाओ कि रक्षा का दावा करती है वही उसका मजाक बनाने से भी पीछे नहीं है ,महिला का मंगलसुत्र  उसके सुहाग कि निशानी होता है आपने तो उसको तक नहीं बक्शा। चुनाव प्रचार के नाम पे मंगल सूत्र को हीदाव  पे लगा दिया। इन सब बातो को दरकिनार कर भी दिया जाये तो आपकी पार्टी ने महिलाओ को टिकट देने में जो कंजूसी दिखायी है उसका क्या ?आपके  कथनी और करनी के इस फर्क का नतीज़ा आपको चुनाव परिणाम में देखने मिलेगा ,इस बात को भी आपने सिरे से नकार दिया ,अगर इन सारे बातो को आप के साथ आपकी पार्टी के लोग इस तरह से नकार रहे है ,तो क्या ये समझा जाए कि ,१० सालो में जो कुछ भी किया वो यही हुआ ,कि मकान बनाया किसी ने उसको पुतवा के किसी ने वाहवाही लूट ली ,क्युकी अगर आप और आपकी पार्टी के सभी नेता अपने कामो कि वजह से तीसरी बार सरकार में आने वाले है ,जैसा कि आपका दवा ही नहीं पूर्ण विश्वास है ,तो सिर्फ ये बताइये कि इस बार के आपके मैनिफेस्टो  में महिलाओ कि सुरक्षा कि बात पे आप का निरुतर होना ,और अभी तक सभी नेताओ का सिर्फ एक बात को कहना कि चाँद दिन में सब सही हो जायेगा। आप लोग ऐसा क्या करने वाले है किसी खरीद फरोख्त होने वाली है जो सारे समीकरण अचानक से बदल जायेंगे। अंधे इंसान का ये विश्वास कि वो बिना सहारे के चल लेगा ,समझ आता है ,लेकिन दिमाग के अन्धो का क्या ,जिनके पल्ले आप नेताओ कि दोगली बाते  पल्ले नहीं पड़ती |  

आपका ये विश्वास कही अति उत्साहित  बयान तो नहीं ,कि इस बार फिर आप सरकार बना रही है। 

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