जबलपुर के लिए बहुत गर्व की बात है ,लेकिन मुझे अफ़सोस हुआ इस बात पे की इस तरह की न्यूज़ को आजकल कोई तवाजो नहीं दी जाती मुझे जानकारी मिली सोचा कोई छापेगा या नहीं मुझे इस पर लिखना है। उस देश की महिला जहा का माहौल इन दिनों बहुत खराब है , वहा से कोई हमारे यहाँ आता है ,डॉ कमर की बीमारी से हमारे देश में भी लोग ग्रसित है ,लेकिन उनको विदेश की याद आती है ,और कमर जैसे डॉ अपने डॉ की खोज को भारत में आके पूरा करते है ,तो क्या हुआ जो जबलपुर आज भी एक छोटा सा गाव कहा जाने वाला शहर है। ,
डॉ कमर के पति होशमा
अफगानिस्तान से आई नेत्र रोग सर्जन डॉ कमर जबलपुर के मेडिकल अस्पताल के विश्व प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ वाए. आर. यादव से ट्राई जेमिनल न्यूरल्जिया नामक बीमारी का इलाज़ करने जबलपुर आई है। महिला डॉ कमर के पति होशमा ने बताया की डॉ यादव एशिया के एक मात्र न्यूरो सर्जन है जो दूरबीन पद्दति से सर्जरी करते है। इस तरह से सर्जरी करने वाले मात्र ३ डॉ है जिसमे एक अमेरिका ,दूसरा जर्मनी और तीसरे भारत से डॉ यादव है। जिसमे विश्व में दूरबीन से सर्जरी सबसे ज्यादा डॉ यादव ने की है। इसलिए अफगानिस्तान से दिल्ली और फिर जबलपुर मेडिकल अस्पताल आये है।
क्या है ट्राई जेमिनल न्यूरल्जिया ?
डॉ यादव के अनुसार ये एक ऐसे बीमारी है जिसमे दिमाग की नस का कनेक्शन रक्त की नस से हो जाता है इसमें मरीज़ को बोलने ,खाने पीने में ,और चेहरे को छूने से भी बिजली के करंट जैसा दर्द होता है। दर्द इतना तेज होता है की बात मुश्किल हो जाता है। इसका ऑपरेशन दो तरह से होता है ,एक माइक्रोस्कोप से दूजा दूरबीन से
कैसे मिली जानकारी ?
डॉ कमर को जर्मनी की एक मैगज़ीन में छपे लेख से डॉ यादव की जानकारी मिली ,और वो अपने इलाज़ के लिए ,इंटरनेट से जानकारी लेके जबलपुर आई।
जबलपुर मेडिकल अस्पताल के लिए ये एक गौरव की बात है ,साथ ही भारत के लिए भी। इस तरह की बीमारी सलमान भाई को भी है ,साथ ही आशा राम को भी।
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