इस हफ्ते दो खड्डे के चाँद लिए दोस्तों से पाला पड़ा। एक का चाँद इतना अस्थिर है की आगे बढ़ने नहीं दे रहा ,एक का चाँद ग्रहण योग में होने से वो उसका शिकार हुयी पड़ी है। इन दोनों के मामलो में जो ख़ास बात है वो है बेखुदी खुद से ,दोस्तों से ,अपनी ज़िन्दगी से। इनके लिए अपनी लिमिट से बहार तक गयी लेकिन नतीजा ०/० ही रहा। समझ ये आया की चाँद की ये दशा लिए वाले ही मेरे पल्ले क्यों पड़ते है। इनको समझाया की नशे दूर रहो नहीं माने। नशा केवल शराब का नहीं होता ,कई प्रकार का होता है।
नशे में सल्लू भी था ,कार चलायी ,उड़ा दिया गरीब को ,लेकिन उसके पास उसका तोड़ था पैसा । जो मेरे दोस्तों के पास नहीं है ,उनको यही समझाया की इसके बिना दावे अधूरे है। आज भाईजान रिहा हो गया क्युकी उसको लोगो ने दिया है ,लोगो ने उसपे दाव लगाया है ,न सिर्फ फिल्म उद्योग ,बल्कि सरकार ने भी सजा न दिलवाके अपने आने वाले चुनाव में एक वोट बैंक को सेफ किया है ,ये बात वो गरीब या वो आदमी नहीं समझेगा जो आज खुश है की सितारा जेल जाने से बच गया। कल से कोर्ट २ महीने की छुट्टी पे है ,उसके पहले जिस तरह से ताबड़तोड़ तरीके से कार को सडको में भगा के बहन और भाई ने सजा को रुकवाया है ,वो कबीले तारीफ़ है लेकिन आने वाले समय में उनको इसकी भरपाई उन लोगो के लिए करनी होगी जो इन दिनों कोर्ट आये , घर आये फिर वो मीडिया हो या कोई और।
मेरी दोस्तों को कोर्ट में अपील करने है लेकिन वकील उनको गुमराह कर रहा है ,उनको मालूम है की छुट्टिया पड़ जायेगी ,इसमें आराम बनता है ना की दिमाग की मत्था पची। कहने को दोनों पढ़ी लिखी है ,लेकिन दिमाग स्थिर नहीं है ,जो काम के लिए मना किया वही किया। अब उनकी किस्मत सल्लू टाइप नहीं है की उनको राहत मिले
बाकी दिमाग पे चाँद का हावी होना वो भी नीच के चाँद का और गड्ढे के चाँद का बहुत सारी बातो को पलटने की ताकत रखता है।
तीनो मामलो में एक बात कॉमन है वो है शराब। तो चाँद की इन दशा वाले लोगो को नशा लिमिट में करना चाहिए। शराब हमेशा अपने के साथ ,या फिर जिसपे पूरा भरोसा हो उसके साथ पीनी चाहिए ,जो आपको संभाल सके। अगर ऐसा कोई न हो तो अकेले में पीयो लेकिन सिर्फ इतनी की दूसरे दिन खुद उठ सको निम्बू पानी के लिए। बाकी शराब पीने के बाद इंसान को होश नहीं रहता की वो क्या कर रहा है। या उसके साथ क्या हुआ ?
बाकी शौकीन तो ऐसे भी है जो बोतल खाली करके मस्त ड्राइविंग भी करते है। इसलिए चाँद की सौम्यता जितनी अच्छी है उसकी असल दशा बचपन से लेकर प्रौढ़ तक की ज़िन्दगी को उलट पलट कर देती है।
अर्जित ज्ञान चाँद जैसा दिखता है वैसा है नहीं। बाकी दिल दिमाग को हिला देने की जबरदस्त शक्ति है इसमें।
सुनो चाँद तुम ज़मीन पे आओ बैठेंगे बाते करेंगे।
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