Wednesday, May 27, 2015

आनंद अनुभूति सेवा लाया बुधवार।

इंसान से दो बोल मीठे बोलने वाला कोई नहीं है ,और सबसे बड़ी बात उसको सुनने वाला भी नहीं है ,फुर्सत ही नहीं किसी के पास की जरा हाल चाल जान ले। ये हम सब के साथ उन विशेष लोगो की भी आप बीती है जो अपराध की दुनिया की सजा काट रहे है ,आज अपने पेशे अलग जब उनसे मिलना हुआ तो ये अनुभव हुआ। कैमरा लेके सेंट्रल जेल बहुत बार गयी। लेकिन तब सिर्फ स्टोरी या न्यूज़  मकसद होता था। आज मकसद कुछ नहीं था बस जाना था और जो खुद सीखा है उससे उनको अवगत करना था। बात यही खत्म हो जानी थी ,लेकिन नहीं ऐसा नहीं है ,जब जेल गए हम ३ लोग प्रतिमा भाभी ,दक्षा मासी ,और वहा  महिला कारागार में उनको एक्सूप्रेसर  की जानकारी दी साथ ही कई बीमारियो से पीड़ित महिलाओ का उपचार पॉइंट्स दबा के किया ,उसका अनुभव अद्भुत रहा। अपराधी बनते नहीं है उनको बना दिया जाता है ,या घोषित कर दिया जाता है ,कुछ नोट की माया से बहार आ जाते है , नोट नहीं वो सज़ायाफ्ता बन जाते है। महिलाओ के साथ उनके छोटे बच्चे जो सजा काट रहे है ,या  बचपन जेल की चार दीवारो के बीच  उनको देख के कई सवाल आये।  आज मेरे दिमाग ने मना  कर दिया की कोई जवाब नहीं खोजना। बस आज सिर्फ सेवा करनीहै। फिर क्या था हम तीनो के पास एक के बाद एक सब अपनी तकलीफो के साथ आने लगी। कुछ महिलाये ऐसे रही की मेरे पॉइंट्स  दवाब से उनको दर्द  तुरंत आराम लगा ,और उन्होंने बहुत दुआये  दी। मन की चंचलता लिए ,कुछ गंभीर सोच  के साथ ,तो कुछ अपने भविष्य की चिंता में दर्दो से दोस्ती किये हुयी है।  आज उनमे कुछ नयी जानकारी जानने की उत्सुकता दिखी। और हम सबने ये तह किया की इनको ये थेरेपी सिखाई जायेगी। मैं सिरिन  आंटी के साथ प्रतिमा भाभी की भी आभारी हूँ जिन्होंने मुझे इस सेवा का मौका दिया। इंसान बुरा नहीं होता परिस्थिति बना देती है। या कह लो हमारे कर्म  है जो हमसे वो सब करवाते है जो भाग्य  है। आज के इस  आनंद  अनुभति को दोस्तों से शेयर किये बिना रहा नहीं गया।  



 daksha masi mahilao ko heal karti



 jailer sahaab ko heal karti pratima bhabhi

Sunday, May 17, 2015

जबलपुर का नाम किया रोशन डॉ यादव ने।

जबलपुर के लिए बहुत गर्व की बात है ,लेकिन मुझे अफ़सोस हुआ इस बात पे की इस तरह की न्यूज़ को आजकल कोई तवाजो नहीं दी जाती  मुझे  जानकारी मिली सोचा कोई छापेगा  या नहीं मुझे इस पर  लिखना है। उस देश की महिला जहा का माहौल इन दिनों बहुत खराब है , वहा  से कोई हमारे यहाँ आता है ,डॉ कमर की बीमारी  से हमारे देश में भी लोग ग्रसित है ,लेकिन उनको विदेश की याद आती है ,और कमर जैसे डॉ   अपने डॉ की खोज को भारत में आके पूरा करते है ,तो क्या हुआ जो जबलपुर आज भी एक छोटा सा गाव  कहा जाने वाला शहर है।  ,डॉ कमर के पति  होशमा 
अफगानिस्तान से आई नेत्र रोग सर्जन डॉ कमर जबलपुर के  मेडिकल अस्पताल   के विश्व  प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन  डॉ वाए. आर. यादव से ट्राई जेमिनल न्यूरल्जिया नामक  बीमारी का इलाज़ करने जबलपुर आई है। महिला  डॉ कमर  के पति होशमा ने बताया की डॉ यादव एशिया के एक मात्र न्यूरो सर्जन  है जो दूरबीन पद्दति  से सर्जरी करते है। इस तरह से सर्जरी करने वाले मात्र ३ डॉ है जिसमे एक अमेरिका ,दूसरा जर्मनी और तीसरे भारत से डॉ यादव है। जिसमे विश्व में दूरबीन से सर्जरी सबसे ज्यादा डॉ यादव ने की है। इसलिए अफगानिस्तान से  दिल्ली  और फिर जबलपुर मेडिकल अस्पताल आये है। 

क्या है ट्राई जेमिनल न्यूरल्जिया  ?
 डॉ यादव के अनुसार ये एक ऐसे बीमारी है जिसमे दिमाग की नस का कनेक्शन रक्त की नस से हो जाता है इसमें मरीज़ को बोलने ,खाने पीने में ,और चेहरे को छूने  से भी बिजली के करंट जैसा दर्द  होता है। दर्द इतना तेज होता है की बात  मुश्किल हो जाता है। इसका ऑपरेशन दो तरह से होता है ,एक माइक्रोस्कोप से दूजा दूरबीन से 

कैसे मिली जानकारी ?
डॉ कमर को जर्मनी की  एक मैगज़ीन में छपे लेख से डॉ यादव की जानकारी मिली ,और वो अपने इलाज़ के लिए ,इंटरनेट से जानकारी लेके जबलपुर आई।   

जबलपुर मेडिकल अस्पताल के लिए ये एक गौरव की बात है ,साथ ही भारत  के  लिए भी। इस तरह की बीमारी सलमान भाई को भी है ,साथ ही आशा राम को भी। 

Friday, May 8, 2015

चाँद तेरे रूप अनेक।

इस हफ्ते दो खड्डे के चाँद लिए दोस्तों से पाला  पड़ा। एक का चाँद इतना अस्थिर है की आगे बढ़ने नहीं दे रहा ,एक का चाँद  ग्रहण योग में होने से वो उसका शिकार हुयी पड़ी है। इन दोनों के मामलो में जो ख़ास बात है वो है बेखुदी खुद से ,दोस्तों से ,अपनी ज़िन्दगी से। इनके लिए अपनी लिमिट से बहार तक गयी लेकिन नतीजा ०/० ही रहा। समझ ये आया की चाँद की  ये दशा  लिए वाले ही मेरे पल्ले क्यों पड़ते है।  इनको  समझाया की नशे  दूर रहो नहीं माने। नशा केवल शराब का नहीं होता ,कई प्रकार का होता है।  

नशे में सल्लू भी था ,कार चलायी ,उड़ा दिया गरीब को ,लेकिन उसके पास उसका  तोड़ था पैसा । जो मेरे दोस्तों के पास नहीं है ,उनको यही समझाया की इसके बिना दावे अधूरे है। आज भाईजान रिहा हो गया क्युकी उसको लोगो ने दिया है ,लोगो ने उसपे दाव लगाया है ,न सिर्फ फिल्म उद्योग ,बल्कि सरकार ने भी सजा न दिलवाके अपने आने वाले चुनाव में एक वोट बैंक को सेफ किया है ,ये बात वो गरीब या वो आदमी नहीं समझेगा जो आज खुश है की सितारा जेल जाने से  बच गया। कल से कोर्ट २ महीने की छुट्टी पे है ,उसके पहले जिस तरह से ताबड़तोड़  तरीके से कार को सडको में भगा के बहन और भाई ने सजा को रुकवाया है ,वो कबीले तारीफ़ है लेकिन आने वाले समय में उनको इसकी भरपाई उन लोगो के लिए करनी होगी जो इन दिनों कोर्ट आये , घर आये  फिर वो मीडिया हो या कोई और। 

मेरी दोस्तों को कोर्ट में अपील करने है लेकिन वकील उनको गुमराह कर रहा है ,उनको मालूम है की छुट्टिया पड़  जायेगी ,इसमें आराम बनता है ना की  दिमाग  की मत्था पची। कहने को दोनों पढ़ी लिखी है ,लेकिन दिमाग स्थिर नहीं है ,जो काम के लिए  मना  किया वही किया। अब उनकी किस्मत सल्लू टाइप नहीं है की उनको राहत  मिले 
बाकी दिमाग पे चाँद का हावी होना वो भी नीच के चाँद का और गड्ढे के चाँद का बहुत सारी  बातो को पलटने की ताकत रखता है। 
तीनो मामलो में एक बात कॉमन है वो है शराब। तो चाँद की इन दशा वाले लोगो को नशा लिमिट में करना चाहिए। शराब हमेशा अपने के साथ ,या फिर जिसपे पूरा भरोसा हो उसके साथ पीनी चाहिए ,जो आपको संभाल सके। अगर ऐसा कोई न हो तो अकेले में पीयो लेकिन सिर्फ इतनी की दूसरे दिन खुद उठ सको निम्बू पानी के लिए। बाकी शराब पीने के बाद इंसान को होश नहीं रहता की वो क्या कर रहा है। या उसके  साथ  क्या हुआ ?

बाकी शौकीन तो ऐसे  भी है जो बोतल खाली करके मस्त ड्राइविंग भी करते है। इसलिए चाँद की सौम्यता जितनी अच्छी है उसकी असल दशा बचपन से लेकर प्रौढ़  तक की ज़िन्दगी को उलट पलट कर देती है। 


अर्जित ज्ञान चाँद जैसा दिखता  है वैसा है नहीं। बाकी दिल दिमाग को हिला देने की जबरदस्त शक्ति है इसमें। 
सुनो चाँद तुम ज़मीन पे आओ बैठेंगे बाते करेंगे।