ओह रे बंधू........................
तुमसे प्यार करना न तो मेरी मज़बूरी है ,
न ही मेरे ख्वाईश ,ये मेरी किस्मत है।
ये प्यार कमबख्त अहसास ही कुछ ऐसा है ,
जो न चाहते हुए जकड़ता है पकड़ता है।
इसे रोकना चाहा ,चाहकर भी नहीं रोका ,
इसमें डूबने का आनंद मुझे रास आया।
ये रास अब आनंद बन गया है ,
ये जानते हुए की तू सिर्फ मेरा नहीं।
तुझे चाहना मेरे फितरत बन चुकी है ,
दिन हो या रात ,या कोई और पल ,
दिमाग की कोशिकाओ में तेरे होने का ,
नशा कुछ ऐसे रेंगता है ,जैसे मेरे जिस्म में रक्तवाहिनियां।
प्रयास जारी है ,इसे रोकू इसे थामु ,
पर ये थमता ही नहीं ,उम्र के साथ बढ़ते यौवन ,
यौवन की उन जटिलताओं को ढोते हुए ,
आज आखिर दिमाग ने कह दिया ,अब बस।
सिर्फ और सिर्फ तुम्हे अताह प्यार करना ,
मेरी ज़िन्दगी है!!!!!!!!
तुमसे प्यार करना न तो मेरी मज़बूरी है ,
न ही मेरे ख्वाईश ,ये मेरी किस्मत है।
ये प्यार कमबख्त अहसास ही कुछ ऐसा है ,
जो न चाहते हुए जकड़ता है पकड़ता है।
इसे रोकना चाहा ,चाहकर भी नहीं रोका ,
इसमें डूबने का आनंद मुझे रास आया।
ये रास अब आनंद बन गया है ,
ये जानते हुए की तू सिर्फ मेरा नहीं।
तुझे चाहना मेरे फितरत बन चुकी है ,
दिन हो या रात ,या कोई और पल ,
दिमाग की कोशिकाओ में तेरे होने का ,
नशा कुछ ऐसे रेंगता है ,जैसे मेरे जिस्म में रक्तवाहिनियां।
प्रयास जारी है ,इसे रोकू इसे थामु ,
पर ये थमता ही नहीं ,उम्र के साथ बढ़ते यौवन ,
यौवन की उन जटिलताओं को ढोते हुए ,
आज आखिर दिमाग ने कह दिया ,अब बस।
सिर्फ और सिर्फ तुम्हे अताह प्यार करना ,
मेरी ज़िन्दगी है!!!!!!!!