Thursday, March 13, 2014

मेरी नज़र से "कवीन "

  जिस किसी ने भी ये कहा कि ये बहुत अच्छी पिक्चर  है जाओ ?उन्होंने असल में क्यों कहा ?मुझे अब समझ में आ रहा है ?फ़िल्म क्रिटिकस  ने कहा अच्छी है लड़कियो जाके देख आओ ??दोस्तों  पिक्चर देखने जानी है तो जाओ देख आओ "कवीन ". .... लेकिन भूल के   भी  कवीन बनने  कि जरुरत नहीं है। मुझे ये फ़िल्म बिना हाथ पैर कि बकवास से ज्यादा नहीं लगी। इसके कई कारण है ,जो मुझे समझ आया वो में लिख रही हु ,पहली बात कि ये फ़िल्म सिर्फ लड़कियो के देखने कि नहीं है ,बल्कि सबसे पहले इसे अपने पेरेंट्स के साथ देखो। उन्हें दिखाओ क्या पता वो  तुम सब को रानी बनने  दे या न दे ?क्युकी भारत के मध्यम परिवार में कोई भी माता पिता अपनी बेटी को इस तरह देश के बहार नहीं जाने देंगे। पहले उनसे पूछ लेना कि मॉल या चौपाटी अकेले जाने देंगे कि नहीं अपने ही सिटी में   ??? उसके बाद दिल्ली ,मुम्बई ,गोआ ,केरल ,कश्मीर अगर अकेले जाने मिल गया तो कुछ बात है वरना  पेरिस और लंदन तो मिया के साथ ही जाना ,उसका खर्च वो नहीं देंगे वो मिया के ज़िम्मे है ?
चलो कोई नहीं शादी ही टूटी थी न ,तो उसी समय मना कर देती ?क्या जरुरत थी अकेले हनीमून में जाने कि ?वो भी दिल्ली कि लड़की ?हज़म नहीं हुयी ये बात ?चली गयी वहा छोटे कपडे पहनते नहीं बने ?कंडोम बैग में नहीं रखा ?स्मोक नहीं किया ?दारु एक बारी पी ,एक बार फ्रेंच kiss करने को बोला ,तो लिप करके आ गयी। सेक्सी कैप पहन तो ली लेकिन कौन सी ये नहीं पता ?खिलोने ले लिए। किसके लिए पापा के और भाई के लिए ?क्या लिया मसाजर ?खुद ही हसी उड़वाई ?साथ ही भारत कि भी लो जी लाजपत नगर कि बाज़ार में सब मिलता है ,ये पता है ,लेकिन वो क्या है ये नहीं पता ?कोई नहीं ,लड़को के साथ रह लिया ,लेकिन घर में नहीं बताया ?तो रानी पेरिस जाके कवीन कैसे बन गयी ?सिर्फ इसलिए क्युकी उसके पास विजय को न बोलने कि हिम्मत आ गयी। और उसने उसको मना कर दिया। 
लड़कियो को बेवक़ूफ़ बनाने का नया तरीका है। और तो और आप सब को ये सब सिखाने ,दिखाने    के लिए  है कि आप जाइये  ,इसे देखे और हिम्मत करिये ये बोलने कि। "आई  हेट ब्रा ",आई  वांट कंडोम्स " वांट तो ड्रिंक, . ।  
जो लड़की विदेश जाके भी ये सब नहीं कर पायी ,तुम लोगो को क्या लगता है तुम सब कर लोगी ???
भैया ,I WANT DRINK...I HATE BRA ...I LOVE TRAVEL...I WANT TO SMOOCH ...कंडोम। या अल्लाह लड़की बोरा गयी है ,कैसे शब्द बोल रही है लाज़ रही नहीं इसको ,चरित्र खराब है ,तभी तो ऐसा लिख रही है। 
जो ये सब सुन के पली बड़ी हो ,उसको ये सब शोभा नहीं देता। 
हॉल में लड़के सिसकिया ले रहे थे ,जब रानी कि सहेली ने उसकी ब्रेस्ट को दबाया ये कहते हुए कि इससे हटाओ। तुममे से ऐसे कितनी लड़किया है ,जिन्हे अपनी सहेलियो का इस तरह का टच अच्छा लगेगा ?
क्या बिना ब्रा के अपने घर में घूमने कि हिम्मत दिखा सकोगी ?या अपने देश में घूमने कि अपने मोहल्ले में ,अरे यहाँ तक कि पति या पुरुष मित्र के साथ भी ,शायद कभी नहीं ,शादी शुदा पति कहते थक जाए कि अपना रूम है यहाँ क्या शर्माना ,लेकिन क्या करे इन लड़कियो को १३ साल कि उम्र से बता दिया जाता है कि ये बहुत जरुरी है। शादी के पहले माँ कि पसंद कि ,शादी के बाद पति के पसंद कि ,और खुद लेने में शर्म आये तो वो भी कह देना पति ले आएगा सब। 
शराब का नाम मत लेना ,वो लड़कियो के लिए नहीं है। सेक्स शादी के बाद उसकी चर्चा भी गुनाह है ,लिप किस्स या स्मूच या फ्रेंच किस  क्या होती है ,मिया बता देगा। अगर उससे पता हुयी तो। 
कंडोम का कैसे यूज़ करते है ,ये पता है ,लेकिन तुम इसे खरीद नहीं पाओगी ,वो क्या है ,कि दुकानदार कि नज़र ,दस लोगो कि नज़रे तुम कैसे कर सकोगी। यहाँ तो किसी वाशरूम में भी नहीं मिलता। ये एम्स्टडम कौन न है जहा सेक्स लीगल है। खुलेआम आप सेक्स कर सकते है। इससे कमा सकते है। तो यहाँ तो तुम लड़किया कवीन नहीं बन सकती ?सॉरी टू  से। 
और जिन मर्दो कि बुराई करते मुह नहीं थकता ,उनके बिना क्या सेक्स या स्मूच का मजा ले सकोगी ??? 
अगर मर्द न हो तो क्या ज़िन्दगी खुशनुमा हो जाएँगी। दुनिया पे फ़तेह मिल जायेगी ,रानी बन के। तो जिनको इस तरह कि रानी बनने  का शौक है ,वो बेसक इस मूवी को देखने जाए। 
असल में इस तरह कि मूवी सिर्फ मुंगरेलाल के हसीं सपने टाइप है ,जागती आँखों से देखा गया एक ऐसा सपना जो हक़ीक़त में कभी मुमकिन नहीं। यकीन न हो तो उन लोगो से पूछ लो ,जो बढ़ावा दे रहे है। इस सपने कि शुरुआत जिस दिन उनके घर से हुयी ,मैं मान जाओंगी।  
कहने के लिए सिर्फ एक मूवी है ,लेकिन किसी ने कहा था कि मूवी ज़िंदगियाँ  बदलने में अहम् भूमिका  अदा  करती है। 
आज का युवा कब कौन सी बात दिमाग पे लेले कहा नहीं जा सकता। इसलिए कवीन बनने  के लिए शिक्षा ,हिम्मत ,और जस्बे कि जरुरत है ,जिस दिन ये जस्बा और हिम्मत ले आओ उस दिन हवा में उड़ के जाने कि जरुरत नहीं पड़ेगी। इसी ज़मी में ज़न्नत मिलेगी। अपनों के बीच ,मर्दो के साथ ,और दोस्तों के दिल में। एक बार शुरुआत अपने घर से करके देखो।