कहने वालों का कुछ नहीं जाता, सहने वाले कमाल करते हैं। कौन ढूंढे जवाब ज़ख्मों के, लोग तो बस सवाल करते हैं!
Wednesday, December 19, 2012
अदावत: मजे के बहाने...
अदावत: मजे के बहाने...: हरजीत आज शाम मजे के मूड में घर से निकला था। पापा की होंडा कार उठाई, रास्ते में बियर के पांच कैन खरीदे और निकल पड़ा दिल्ली के सुनसान रास्...
अदावत: बीमारी दूर होगी तो बीमार भी कम होंगे
अदावत: बीमारी दूर होगी तो बीमार भी कम होंगे: आंध्रप्रदेश के खम्मम जिले में 2007 की घटना। नौ दरिंदे 15 साल की एक लड़की को घर से अगवा कर कोथागुडेम शहर के बाहर ले गए। उसका सामूहिक बलात्...
Tuesday, December 18, 2012
बड़ा सवाल ? क्या लड़की का जिस्म हर किसी की बपौती है ....................... जरा सोचो .....और जवाब दो अपने आप को सन्डे की शाम को जो घटना हुई वो शर्मसार करने वाली थी ..इस घटना को जिस तरह से नेताओ ने लिया और हमारी मीडिया ने , इससे दिखाया उससे ये साफ़ हुआ की इन सब के लिए ये सिर्फ एक घटना है .उस लड़की के बारे मै कोई बात नहीं करना चाह रहा।। । उसके माँ बाप के उपर क्या गुजरी किसी को कोई लेना देना नहीं। दो दिन बाद दोनों सदनों मै इस्पे बहस हुई ....इस बहस को करके सब नेताओ नै सोचा की उनने अपनी तरफ से उन्होंने खाना पूर्ति कर ली है, देश को दिखा दिया की वो भी दुखी ,है इस घटना से ....क्या किस्सी नै ये सोचा की इस तरह कीघटना की पुरावात्ति न हो इसके लिए क्या कदम लेने होंगे
आज किसी नै फ़ास्ट कोर्ट की डिमांड की ,तो कुछ लोग बलात्कारी को फ़ासी देने की मांग कर रहे है ......जिस देश मै रोज महिलाओ के साथ बलात्कार होता है वहा फ़ासी देना कहा तक सही है ...इस मुद्दे की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है ......डेल्ही की इस एक घटना से देश के कई सिटी के आकडे सामने ल दिए .....जनाब ये तो वो है जो कागज़ मै दर्ज है ...लेकिन उनका क्या जिनके बारे मै कही कोई चर्चा ही नहीं ..सभी महिला संघठनो नै आज दो दिन बाद इस मुद्दे पे अपना प्रदर्शन किया ....और अब वो सब सिल्क के 5 मीटर की साड़ी मै लिपटी मेक उप किये हुए अपने फोटो खिच्वाके अपने घरो मै धुबुक गयी है ......जिसमे महिला आयोग की सदस्य , महिला सांसद ,और न जाने कितने महिलाए है। हमारे देश की ये विडम्बना है की यहाँ किसी भी जुर्म के लिए सजा का जो प्रावधान है उसका खोफ आम आदमी मै नहीं रहा ...यहाँ की कानून पे किसी का विश्वास नहीं रहा ,कानून अब मजाक बन के रह गया है।
बलात्कार हुआ ...या जिसने किया वो क्यों किया क्या कभी इस तरफ किसी नै सोचा ...और जो रोज बलात्कार होते है वो क्यों होते है।।।नहीं।।।। हम लोगो की आदत बन गयी है की हम किसी भी बात की जड़ मै जाना नही चाहते ..वे वांट इंस्टेंट सलूशन इन 1 min ....नो डिस्कशन अत आल .लेकिन जब तक दर्द के जड़ नहीं पकड़ेंगे हम इस समस्या से पीछा नहीं छुड़ा सकते ....इसका एक ही हल है की हमें अपने बच्चो को सेक्स एजुकेशन प्रोवाइड करनी होगी ....16 साल के बाद से उनको फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की सेक्स की जान कारी होनी चाहिए ...उनको जेंडर की जानकारी होनी चहिये ... हर लड़के को अपने अंगो के अलावा एक लड़की के अंगो की भी जानकारी होनी चाहिए ..उसको ये पता होना चाहिए की जिस तरह उसके नाजुक अंग है एक लड़की के भी उससे ज्यादा नाजुक अंग है जिसकी प्रति उसकी भी जिम्मेदारी है ...जब तक हम बड़े अपने बच्चो को इस तरह से सही एजुकेशन नहीं देंगे हमें ये सोचने का कोई हक नहीं है की कल को हमारे घरमै ऐसे कोई घटना नहीं होगी . जिसके साथ ये घिनोना हादसा होता है वो किस तरह तिल तिल मरती है, कभी इसकी कल्पना कर के देखो।।।।।आज उस लड़की की हालत जैसे भी है पर उसके मन के अंदर जो घाव लगे है उससे कोई नहीं ठीक कर सकता ...न समाज ,न सांसद ,न ही कोई महिला संघठन ,न ही मीडिया ....और न ही कानून ....कानून भी अपना पक्ष कुछ ऐसे रखेगा की बलात्कारी ने शराब पी हुई थी उसकी मनोदशा ऐसे नहीं थी इसलिए उससे सजा कम होगी ...उसने ये कृत होसो हवास मई नहीं किया ...और अगर उम्र कम हुयी तो उसकी ये गलती मान के उससे कुछ सालो की उम्र कद दे के छोड़ दिया जायेगा ...
आज किसी नै फ़ास्ट कोर्ट की डिमांड की ,तो कुछ लोग बलात्कारी को फ़ासी देने की मांग कर रहे है ......जिस देश मै रोज महिलाओ के साथ बलात्कार होता है वहा फ़ासी देना कहा तक सही है ...इस मुद्दे की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है ......डेल्ही की इस एक घटना से देश के कई सिटी के आकडे सामने ल दिए .....जनाब ये तो वो है जो कागज़ मै दर्ज है ...लेकिन उनका क्या जिनके बारे मै कही कोई चर्चा ही नहीं ..सभी महिला संघठनो नै आज दो दिन बाद इस मुद्दे पे अपना प्रदर्शन किया ....और अब वो सब सिल्क के 5 मीटर की साड़ी मै लिपटी मेक उप किये हुए अपने फोटो खिच्वाके अपने घरो मै धुबुक गयी है ......जिसमे महिला आयोग की सदस्य , महिला सांसद ,और न जाने कितने महिलाए है। हमारे देश की ये विडम्बना है की यहाँ किसी भी जुर्म के लिए सजा का जो प्रावधान है उसका खोफ आम आदमी मै नहीं रहा ...यहाँ की कानून पे किसी का विश्वास नहीं रहा ,कानून अब मजाक बन के रह गया है।
बलात्कार हुआ ...या जिसने किया वो क्यों किया क्या कभी इस तरफ किसी नै सोचा ...और जो रोज बलात्कार होते है वो क्यों होते है।।।नहीं।।।। हम लोगो की आदत बन गयी है की हम किसी भी बात की जड़ मै जाना नही चाहते ..वे वांट इंस्टेंट सलूशन इन 1 min ....नो डिस्कशन अत आल .लेकिन जब तक दर्द के जड़ नहीं पकड़ेंगे हम इस समस्या से पीछा नहीं छुड़ा सकते ....इसका एक ही हल है की हमें अपने बच्चो को सेक्स एजुकेशन प्रोवाइड करनी होगी ....16 साल के बाद से उनको फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की सेक्स की जान कारी होनी चाहिए ...उनको जेंडर की जानकारी होनी चहिये ... हर लड़के को अपने अंगो के अलावा एक लड़की के अंगो की भी जानकारी होनी चाहिए ..उसको ये पता होना चाहिए की जिस तरह उसके नाजुक अंग है एक लड़की के भी उससे ज्यादा नाजुक अंग है जिसकी प्रति उसकी भी जिम्मेदारी है ...जब तक हम बड़े अपने बच्चो को इस तरह से सही एजुकेशन नहीं देंगे हमें ये सोचने का कोई हक नहीं है की कल को हमारे घरमै ऐसे कोई घटना नहीं होगी . जिसके साथ ये घिनोना हादसा होता है वो किस तरह तिल तिल मरती है, कभी इसकी कल्पना कर के देखो।।।।।आज उस लड़की की हालत जैसे भी है पर उसके मन के अंदर जो घाव लगे है उससे कोई नहीं ठीक कर सकता ...न समाज ,न सांसद ,न ही कोई महिला संघठन ,न ही मीडिया ....और न ही कानून ....कानून भी अपना पक्ष कुछ ऐसे रखेगा की बलात्कारी ने शराब पी हुई थी उसकी मनोदशा ऐसे नहीं थी इसलिए उससे सजा कम होगी ...उसने ये कृत होसो हवास मई नहीं किया ...और अगर उम्र कम हुयी तो उसकी ये गलती मान के उससे कुछ सालो की उम्र कद दे के छोड़ दिया जायेगा ...
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